Saturday, 5 September 2026

Customised सिद्धांत

                 सत्ता के सिंहासन पर बैठा एक संत है

   जिसके मुख से निकला हर शब्द राष्ट्रसेवकों के लिए एक मंत्र है

    जिस मंत्र के उच्चारण से विचलित होता एक specific तंत्र है

        जिसकी कुंठा से जन्म लेता हर रोज एक नया षडयंत्र है

       और इस षडयंत्र के मंच पर होता हर रोज एक नया प्रपंच है

और इसी मंच के सरपंच के SCRIPT मे हर रोज घायल होता लोकतंत्र है

                           

                            Stage 2 - SCRIPT

हर रोज किसी ना किसी के अपमान का कॉन्ट्रैक्ट लेती है यह SCRIPT

हर रोज एक नए मंच से षडयंत्र का नया नैरेटिव गढ़ती है यह SCRIPT

असफलता ही इसके हाथ लगेगी, जानते हुए भी अपने पथ पर अडिग रहती है यह SCRIPT

अपने customised सिद्धांतों से कभी समझौता नही करती यह SCRIPT

अपने चाहने वालों को भी खुद से दूर करने की कला में निपुण है यह SCRIPT

अनगिनत अलौकिक शक्तियां होने के बावजूद भी तर्क के मंच पर जाने से कतराती है यह SCRIPT


Customised सिद्धांत

                 सत्ता के सिंहासन पर बैठा एक संत है    जिसके मुख से निकला हर शब्द राष्ट्रसेवकों के लिए एक मंत्र है     जिस मंत्र के उच्चार...